जॉनसन स्कूल में हुआ हंगामा: अभाविप का जोरदार प्रदर्शन, छात्रा को मिला बोर्ड परीक्षा एडमिट कार्ड

Wed 18-Feb-2026,11:06 PM IST +05:30

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जॉनसन स्कूल में हुआ हंगामा: अभाविप का जोरदार प्रदर्शन, छात्रा को मिला बोर्ड परीक्षा एडमिट कार्ड ABVP Protest Jabalpur News
  • आर्थिक कारणों से छात्रा को बोर्ड परीक्षा से रोकने पर अभाविप का विरोध, प्रशासनिक हस्तक्षेप से मिला एडमिट कार्ड।

  • जबलपुर के निजी विद्यालय में शुल्क बकाया विवाद ने शिक्षा अधिकार और छात्र हितों पर खड़े किए गंभीर प्रश्न।

  • जिला शिक्षा अधिकारी की त्वरित कार्रवाई से छात्रा का भविष्य सुरक्षित, छात्र संगठनों की सक्रिय भूमिका चर्चा में।

Madhya Pradesh / Jabalpur :

जबलपुर, 18 फ़रवरी 2026, मध्यप्रदेश बोर्ड की परीक्षा से ठीक पहले जबलपुर के एक निजी विद्यालय में उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब आर्थिक रूप से कमजोर एक छात्रा को केवल शुल्क बकाया होने के कारण परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया। इस निर्णय के विरोध में छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने विद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। संगठन के हस्तक्षेप के बाद जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से छात्रा को एडमिट कार्ड उपलब्ध कराया गया।

यह मामला शहर के ज़ोन्संस हिंदी मीडियम विद्यालय से जुड़ा है, जहां कक्षा 10वीं में अध्ययनरत एक छात्रा को मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की प्रथम बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होने से वंचित कर दिया गया। विद्यालय प्रशासन का तर्क था कि छात्रा द्वारा पूर्ण शुल्क जमा न किए जाने के कारण एडमिट कार्ड जारी नहीं किया जा सकता।

घटना की जानकारी मिलते ही अभाविप जबलपुर महानगर इकाई सक्रिय हुई। संगठन के महानगर मंत्री आर्यन पुंज के नेतृत्व में कार्यकर्ता विद्यालय पहुंचे और प्रशासन से इस निर्णय का आधार पूछा। अभाविप का स्पष्ट मत था कि आर्थिक अभाव किसी भी विद्यार्थी को परीक्षा से वंचित करने का कारण नहीं बन सकता।

संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षा का अधिकार प्रत्येक विद्यार्थी का मौलिक अधिकार है और शुल्क बकाया होना परीक्षा में सम्मिलित होने से रोकने का वैधानिक आधार नहीं हो सकता। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन से यह भी पूछा कि किस नियम के तहत बोर्ड परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण अवसर से छात्रा को रोका गया।

जब विद्यालय प्रशासन संतोषजनक उत्तर देने में असफल रहा, तब अभाविप कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण किन्तु प्रभावी विरोध प्रदर्शन प्रारंभ किया। प्रदर्शन के दौरान छात्र-हित से जुड़े नारे लगाए गए और तत्काल समाधान की मांग की गई।

स्थिति को गंभीर होता देख परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि छात्रा को तुरंत एडमिट कार्ड प्रदान नहीं किया गया तो आंदोलन को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय तक विस्तारित किया जाएगा। इसके पश्चात विषय को जिला शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में लाया गया।

डीईओ कार्यालय द्वारा मामले की त्वरित समीक्षा की गई और आवश्यक निर्देश जारी किए गए। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद छात्रा को उसका एडमिट कार्ड उपलब्ध कराया गया, जिससे वह निर्धारित तिथि पर अपनी बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित हो सकी।

अभाविप ने इस घटनाक्रम को छात्र अधिकारों की जीत बताया। संगठन का कहना है कि यह केवल एक छात्रा का मामला नहीं, बल्कि उन सभी विद्यार्थियों की आवाज है जो आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद अपने भविष्य को संवारने का प्रयास कर रहे हैं।

परिषद ने विद्यालय प्रशासन को भविष्य में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न होने देने की चेतावनी दी और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की मांग की। साथ ही शासन द्वारा संचालित छात्रवृत्ति एवं सहायता योजनाओं की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाने पर भी बल दिया गया।

प्रदर्शन के दौरान आर्यन पुंज, प्रफुल तिवारी, भास्कर पटेल, दिव्यांक पचौरी, सत्यम पटेल, यश पटेल, सूर्य ठाकुर, संकेत पटेल, सुजीत पटेल, विराज तोमर, विकास पांडेय, आशुतोष पटेल, अरमान पांडे, साक्षर सिंह तोमर, अमन तिवारी और शिवम उपाध्याय सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

अंत में अभाविप जबलपुर महानगर इकाई ने जिला शिक्षा अधिकारी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन के त्वरित हस्तक्षेप से एक छात्रा का शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित हो सका। संगठन ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की कि किसी भी प्रकार के शैक्षणिक अन्याय की स्थिति में वे आगे आकर आवाज उठाएं।